Falsafaa (फलसफा)

कभी कभी
ऊँचे आसमानो के ऊपर की सैर में
कुछ साथी
अनजाने
ऐसे होते हैं
जैसे
बची-खुची ज़िन्दगी के फलसफे
हवाई जहाज में
बाजू की सीट पे
रखे हुए पैम्फलेट में
छुपा के रखे हों

गरम पानी या ठंढा?

फ़ोन के ऍप
जिसमे
दौड़ती तसवीरें होती हैं

कोई बीवी से
कोई बॉयफ्रेंड से बातें करता

कोई इक बिज़नेस डील के हिसाब किताब में लिपटा

कोई फिल्मों में
अपना पूरा सफर जाया करता

कोई वाइज़

भरी नज़रो से
दूसरों के तजुर्बों से
अपने सबक पूरे करता

कोई बच्चा
अधूरी ज़िद में रूठा

कोई बुढ़िया
अपने ज़माने से दूर
सहमी
सकुचाई

दो वर्दी वाले गुंडे
आपकी सेवा में सदैव तत्पर

परस्पर

साथ में चलते हुए

अनजान रहते हैं

इन्ही सीटों में, रास्तो में
गालिबों के दीवान रहते हैं

Unknown's avatarAbout Amit
Conventional, boring, believer, poet, Shayar (to be precise), lover of music, musical instruments, and all that can be called music (theoretically or metaphorically), jack of all master of none, more of a reader less of a writer, arbit philosopher, foolish debater.. and many more such things.. like so many people!

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