Nazm- हम में भी बड़ा दम है

कहते हैं बड़ा ग़म है
हम में भी बड़ा दम है

था खौफ कहानी में
पर रूबरू बेदम है

हाथों में सुलेमानी
और रूह में ज़म ज़म  है

हम दीखते हैं तनहा
ये इश्क़ तो  पाहम है

हर ज़ख्म हरा हो ले
हर अश्क़ में मरहम है

गर छत नहीं तो क्या है
सर साया-इ-मरियम है

निकले हैं बाँध सर पे कफ़न
अब कई दीवाने
होना है जो हो जाए
ये जूनून फ़राहम है
हम में भी बड़ा दम है

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